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इप्टा को जानें, इप्टा से जुड़ें

इप्टा को जानें, इप्टा से जुड़ें

इप्टा, इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन का संक्षेप है। हिन्दी में इसे‘भारतीय जन नाट्य संघ’, असम व पश्चिम बंगाल में ‘भारतीय गण नाट्य संघ’ व आन्ध्रप्रदेश में प्रजा नाट्य मंडली के नाम से जाना गया। इसका सूत्र वाक्य है ‘ पीपुल्स थियेटर स्टार्स द पीपुल ‘ यानी, ‘जनता के रंगमंच की असली नायक जनता है।’
लोगो / प्रतीक चिन्ह 
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प्रतीक चिन्ह सुप्रसिद्ध चित्रकार चित्त प्रसाद की कृति “नगाड़ावादक” है, जो संचार के सबसे प्राचीन माध्यम की याद दिलाता है।

औपनिवेशीकरण, साम्राज्यवाद व फासीवाद के विरोध में‘इप्टा’ की स्थापना 25 मई 1943 को की गयी थी। ‘इप्टा’ का यह नामकरण सुप्रसिद्ध वैज्ञानिकहोमी जहाँगीर भाभा ने किया था। ऐसे कलाकार जो सामाजिक सरोकारों जुड़े हुए थे और कला के विविध रूपों यथा संगीत, नृत्य, फिल्म व रंगकर्म आदि को वृहद मानव कल्याण के परिप्रेक्ष्य में देखते थे, एक-एक कर इप्टा सेजुड़ते गये। इप्टा के अध्यक्ष श्री रणवीर सिंह व महासचिव श्री राकेश हैं।
इप्टा के सफर में बहुत से नामचीन लोगों ने अपना योगदान दिया है, जिनमें से कुछ नाम पं. रविशंकर, हबीब तनवीर, कैफी आजमी, शबाना आजमी, सलिल चौधरी, शैलेन्द्र, साहिर लुधियानवी, राजेन्द्र रघुवंशी, बलराज साहनी, भीष्म साहनी, एम. एस. सथ्यू, फारूख शेख, अंजन श्रीवास्तव आदि हैं। अखिल भारतीय स्तर पर 25 मई 1943 को बंबई (अब मुंबई) में स्थापित इप्टा की स्वर्ण जयन्ती के अवसर पर भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट जारी किया। इस समय देशभर मेंइप्टा की 600 से भी अधिक इकाइयां सक्रिय हैं।
– टीम इप्टा 
इप्टा को जानें, इप्टा से जुड़ें इप्टा, इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन का संक्षेप है। हिन्दी में इसे‘भारतीय जन नाट्य संघ’, असम व पश्चिम बंगाल में ‘भारतीय गण नाट्य संघ’ व आन्ध्रप्रदेश में प्रजा नाट्य मंडली के नाम से जाना गया। इसका सूत्र वाक्य है ‘ पीपुल्स थियेटर स्टार्स द पीपुल ‘ यानी, ‘जनता के रंगमंच की असली नायक जनता है।’ लोगो / प्रतीक चिन्ह    प्रतीक चिन्ह सुप्रसिद्ध चित्रकार चित्त प्रसाद की कृति "नगाड़ावादक" है, जो संचार के सबसे प्राचीन माध्यम की याद दिलाता है। औपनिवेशीकरण, साम्राज्यवाद व फासीवाद के विरोध में‘इप्टा’ की स्थापना 25 मई 1943 को की गयी…

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